कानपुर के दो बड़े कारोबारियों ने एक दूसरे पर गम्भीर धराओ में दर्ज कराये गए मुकदमें का मामला।
अक्सर विवादों में रहने वाली MHPL कम्पनी के मालिक पियूष अग्रवाल पर थाना जूही में राजीव अग्रवाल ने दर्ज कराई एफआईआर, तो वहीं थाना कर्नलगंज में पियूष अग्रवाल ने बनारसी लड्डू के मालिक राजीव अग्रवाल पर दर्ज कराई एफआईआर।
दोनों ही पार्टियां हाई प्रोफाइल होने के कारण कानपुर शहर में लोगों के बीच बना चर्चा का विषय।
शहर में स्मार्ट सिटी के तहत किए गए कार्यों में MHPL कम्पनी पर लग चुके है अनियमितता के कई आरोप, शहर के आला अधिकारी भी है मौन।
MHPL के द्वारा 4.57 करोड़ से बनाए गए मोतीझील में जॉगिंग ट्रैक घटिया निर्माण के चलते 21 दिन में ही उखड़ गया था,अधिकारियों ने तब भी नहीं की थी कोई कार्रवाई।
सूत्रों की माने तो शहर के एक बड़े अधिकारी का MHPL कम्पनी को है संरक्षण प्राप्त।
जिसके चलते MHPL अपने मन मानी ढंग से नियमो को ताक पर रख कर घटिया सामग्री व उपकरण से योगी जी के उत्तर प्रदेश सरकार को लगा रही है चुना।
MHPL के द्वारा किए गए कार्यों का निष्पक्ष जांच हुई तो खुलेगा करोड़ों का घोटाला।
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